Text selection Lock by Hindi Blog Tips

Digital Clock

Sleek Calendar

जिन्हें हम 'इन्तेज़ार' और आप 'वक़्त' कहते हैं

जिन्हें हम 'इन्तेज़ार' और आप 'वक़्त' कहते हैं
हम एक रिश्ता और आप एक लफ्ज़ कहते हैं,

रविवार, 4 अक्तूबर 2009

कुछ बना, कुछ अधबना सच लेकर अपने-अपने हिस्से का कौन-सा  ऐसा दुःख है, जो जलाता भी है और तृप्त भी करता है कि कुछ खोकर भी पाने का उपालंभ देता है....

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

comments